शनिवार, 25 जून 2016

कविता

कविता 
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जोखिम
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थोड़े से साहस  और 
हिम्मत  की  जरूरत  होती है 
कोई   जोखिम  लेने के लिए 

झूठ  बोलने 
चोरी  करने
रिश्वत  लेने 
धोखा  देने  के लिए 
साहस  की  जरूरत  होती है 

जिन  लोगों  ने 
दिखाया  साहस 
वे सफल  हुए 
जो थोड़े  बहुत  पकड़े  गए 
छूट  गए  कानून  को अंगूठा  दिखाते  हुए 

उन  दिनों   जब शहर में 
कई  हाउसिंग  सोसाइटियां 
उग  आई  थीं  कुकुरमुत्ते  की तरह 
लोग  सस्ते   में   खरीद  रहे  थे  ज़मीन 
जो   मकान  बनाने  के  लिए  स्वीकृत  नहीं थी 
खूब  कमाया  हाउसिंग  सोसाइटियों   ने 

साहसी   लोगों  ने 
बना  लिए  मकान  
बसती   गई   अनाधिकृत  कॉलोनियां 
अनियमित  एवं  अनियोजित  
राजनीतिज्ञों  ने  किया  समर्थन 
सरकार  ने कर  दिया  नियमन 
वोट  लेने  के  लिए 

वे   सभी  जोखिम  
लेने  वाले  साहसी  व्यक्ति  
जिन्होंने  चंद   हजार  में 
खरीदी   थी   जमीन 
लाखों  की  संपत्ति  के  मालिक  हो  गए 

मुझ  जैसे  डरपोक 
जोखिम  न  लेने  वाले 
किसी  क्षेत्र  में भी 
सफल  नहीं   हो  सकते 
 न  ही   सम्पन्न 
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(  "  उदभावना  "  मार्च - जून '    2016 में  प्रकाशित  )